सागर के युवा डॉक्टर की भोपाल में इलाज के दौरान मौत, इलाज के लिए एक करोड़ देने को तैयार थी सरकार
 

डॉ शुभम उपाध्याय

कोरोना का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। देश दुनिया के साथ ही सागर भी इसका कहर भोग रहा है। बुधवार को सागर के 26 वर्षीय डॉक्टर शुभम उपाध्याय कोरोना के कहर से शापित हो गए। उन्होंने उपचार के दौरान भोपाल में दम तोड़ दिया। उनके इलाज के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक करोड़ रूपए सहायता देने की घोषणा की थी लेकिन इससे पहले ही शुभम कोरोना का शिकार हो गए। शुभम के स्वास्थय को लेकर सागर में लोग न केवल धन जुटा रहे थे बल्कि उनकी सलामती के लिए दुआएं भी की जा रही थी।

पहली नियुक्ति कोविड सेंटर में
बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज से मार्च 2020 में डिग्री पूर कर शुभम उपाध्याय निकले ही थी कि कोरोना का कहर शुरू हो गया। उन्हें सागर के कोविड सेंटर में ही पहली नियुक्ति मिली और वे यहां जी-जान से कोरोना मरीजों की सेवा में जुट गए। स्वयं की परवाह किए बिना इलाज करते हुए वे भी 28 अक्टूबर को कोरोना पॉजिटिव हो गए। चार दिन तक सागर में ही उनका उपचार किया गया। इसके बाद भोपाल लाया गया। यहां उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता चला गया। परिजन आर्थिक रूप से भी परेशान हो गए।

फेफड़े 90% से ज्यादा हो गए थे खराब

ऐसे में सागर के लोगों ने आर्थिक मदद जुटाना भी शुरू कर दी। मध्यप्रदेश सरकार ने उनके इलाज के लिए पूरा खर्च लगभग एक करोड़ वहन करने की घोषणा कर दी थी। उनके दोनों फेफड़े 90% से ज्यादा खराब हो चुके थे। उन्हें चेन्नई ले जाना था लेकिन इसके पहले ही उन्होंने चिरायु अस्पताल भोपाल में दम तोड़ दिया। मूलत: केसली गांव के रहने वाले शुभम के छोटे भाई सत्यम उपाध्याय है।