ग्वालियर  प्र्रदेश में होने वाले उपचुनाव की तारीख भले ही अभी घोषित नहीं हुई है लेकिन भाजपा और कांग्रेस में चुनावी हलचल शुरु हो गई है। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप को दौर भी शुरु हो चुका है। कांग्रेस की सरकार गिराकर भाजपा मे शामिल हुए पूर्व मत्रियों एवं विधायकों को मंत्री बनाने के बाद उन्हें विभाग भी मिल चुके है। मंत्री पद मिलने के बाद ही भाजपा के नेताओं और उनके समर्थकों की गतिविधियां तेज हो गई है। इस उपचुनाव में ग्वालियर चंबल संभाग की सीटों पर सारा दारोमदार है।  राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर इस उपचुनाव मे भाजपा के खेवनहार होंगे। भाजपा के उम्मीदवार लगभग तय से है। लेकिन भाजपा के सामने अपनी ही पार्टी के नाराज नेताओं को मनाना सबसे बडी चुनौती है। वहीं कांग्रेस मेंं टिकट के दावेदारों की लंबी सूची है। इस बार टिकट वितरण दिग्गी राजा की मर्जी से होगे।इस लिए दिग्गी समर्थकों ने भी अपनी तैयारी शुरु कर ली है।  उपचुनाव के दौरान ग्वालियर को चुनाव को मुख्य केन्द्र बनाकर काम किया जाएगा।चुनाव के दौरान सत्त्तधारी भाजपा के बडे नेताओं का जमावडा शहर में ही रहेगा। वैसे भाजपा अंचल की सभी सीटों को अपनी झोली मेंं लेने का प्रयास करेगी। भाजपा प्रत्याािशयों जीत के लिए   महाराज और बॉस दोनों का आर्शीवाद जरुरी है।