दुनिया में भारत को त्योहारों का देश कहा जाता है। यहां आए दिन कोई-ना-कोई त्यौहार चलता ही रहता है। भारत में प्रमुख चार त्यौहार गिने जाते हैं। जैसे मकर सक्रांति, होली, दीवाली और रक्षाबंधन। रक्षाबंधन का त्यौहार भारत में बड़ी धूम-धाम से मनाया जाता है।
इस दिन सभी भाई बहने अपने भाइयों को राखी बनती है।
फिर चाहे उनका भाई उनसे उम्र में कितना ही छोटा हो या बड़ा। इस पावन दिन सभी उम्र के भाई अपनी बहनों से राखी बंधवाते हैं। इसके बाद में बहन को वचन भी देते हैं कि वह उनकी हर परिस्थिति में रक्षा करेंगे।हर वर्ष रक्षाबंधन के त्यौहार के दिन सभी बहनों को बड़ी बेसब्री से इंतजार बना रहता है। इस दिन भाई चाहे जहाँ कहीं भी हो। वह अपनी बहन से मिलने व उनसे राखी बंधवाने के लिए उपयुक्त स्थान पर पहुंच ही जाता हैं। यह मौका ओर भी खास तब हो जाता है। जब बहन की शादी हो चुकी हो और वह दूसरे शहर में रहती हो। ऐसे मौके पर त्योहारों का इंतजार काफी महीने पहले ही शरू हो जाता है। कई दिनों पहले ही बहन को सुसराल से मायके में लाने की तारीख निश्चय हो जाती है।
बच्चे भी राखी के त्यौहार के लिए काफी उत्साहित रहते हैं। देखा जाये, तो यह दिन भाई-बहन के बीच अटूट प्रेम रिश्ते को दर्शाता है। इस दिन सभी बहनें अपने भाइयों के हाथों में राखी बांधती है। उसके बाद उन्हें मिठाई खिलाके, उनका मुंह भी मीठा करती है। इसके साथ ही अपनी रक्षा का वचन भी लेती है। राखी बांधने से पहले भाई की आरती उतारने के लिए सुंदर सी थाली भी सजाती है। जिसके बाद भाई भी राखी बंधवाने के बाद अपनी बहनों को वचन देने के साथ-साथ कोई तोहफ़ा या लिफाफा भी भेट करता है। इस प्रकार की हंसी ओर ठिठोली के बीच परिवार के सभी सदस्य घर में बैठकर राखी के त्यौहार को मनाते हैं।

राखी यानी रक्षाबंधन के जैसा एक त्यौहार ओर आता है। जिसे भी भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक माना जाता है। यह त्यौहार कोई और नहीं बल्कि भाई दूज का त्यौहार ही है। इस दिन को भी भाई-बहन के प्रेम के लिए जाना जाता है। हर साल की तरह यह भी दीपावली के 2 दिन बाद आता है। जो बड़े हर्ष उल्लास के साथ मनाया जाता है। रक्षाबंधन में राखी बांधी जाती है। लेकिन भाई दूज के दिन लच्छा या कलेवा बांधा जाता है।